शरीर मे किडनी संबंधित समस्या होने या अधिक तरल पदार्थ का सेवन करने पर बार - बार पेशाब आने की समस्या होती है। इसे पॉल्युरिया कहते हैं।


आमतौर पर लगातार पेशाब आने के साथ - साथ पेट दुखना और बुखार आना बहुमूत्रता के लक्षण है। इसे यूरिन इन्फेक्शन भी कहते हैं।

बार-बार पेशाब आने की आयुर्वेदिक दवा

नीचे हमने कुछ आयुर्वेदिक दवाओं की लिस्ट साझा की है जिनसे आपको यूरिन इन्फेक्शन से राहत मिल सकती है।

बार-बार पेशाब आने की समस्या के लिए आयुर्वेदिक दवा:-

१. पतंजलि दिव्या गोक्षुरादि गुग्गुल

पतंजलि गोक्षुरादि गुग्गुल गुर्दे और मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) और अन्य मूत्र संबंधी समस्याओं जैसे पेशाब का कम बनना या पेशाब करते समय जलन या बेचैनी को ठीक करता है।

२. कपिवा दीया फ्री

कपिवा दिया फ्री में गिलोय, हल्दी, करेला और कुटकी जैसे आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे बार - बार पेशाब आने की समस्या से छुटकारा मिलता है।

३. HealthKart क्रैनबेरी + D-Mannose

Healthkart क्रैनबेरी + D-Mannose एक ऐसी दवा है जो मूत्र पथ में हो रहे संक्रमण को रोकने का कार्य करती है। इसके अलावा यह फंगल यूरिन इन्फेक्शन को भी खत्म करती है जिससे बहुमूत्रता यानी अचानक से पेशाब आने की समस्या से निदान मिलता है।

४. वृक्क संजीवनी वटी

वृक्क संजीवनी वटी गुर्दे में पथरी और दर्दनाक पेशाब की समस्या में इस्तेमाल की जाने वाली आयुर्वेदिक दवा है। यह एंटी-यूरोलिथिक है जो मूत्र पथ के संक्रमण को रोकती है।

५. हर्बल हिल्स जम्बू टेबलेट

हर्बल हिल्स जम्बू टेबलेट जामुन के गुणों से युक्त एक आयुर्वेदिक दवा है, जिसे ब्लड शुगर को नियंत्रित व संतुलित करने में उपयोग किया जाता है। इसके नियमित इस्तेमाल से लगातार या अचानक पेशाब की बीमारी से छुटकारा मिलता है।

डिसक्लेमर: कृपया किसी भी दवा का उपयोग करने के पूर्व अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से परामर्श अवश्य लें। प्रत्येक व्यक्ति का शरीर भिन्न होता है जिससे इन दवाओं का गलत प्रभाव भी हो सकता है। यह आर्टिकल शिक्षा की दृष्टि से प्रकाशित किया गया है। हम या हमारी साइट डॉक्टर की अनुमति के बिना इन दवाओं को लेने का समर्थन नहीं करती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post